पत्र व्यवहार का पता

अभिव्यक्ति तुक-कोश

१. ९. २०१९

अंजुमन उपहार काव्य संगम गीत गौरव ग्राम गौरवग्रंथ दोहे पुराने अंक संकलन अभिव्यक्ति
कुण्डलिया हाइकु अभिव्यक्ति हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर नवगीत की पाठशाला रचनाकारों से

ये बताओ हे कुटज

 

 

ये बताओ हे कुटज! इन पत्थरों में
कौन देवा सींचता है तन तुम्हारा

सूखते जब भूमि के
जल स्रोत सारे
टूटते कब हौसले फिर
भी तुम्हारे
काटने पर्यावरण का
धुर प्रदूषण
गात धर लेते असंख्यक
पुष्प भूषण
देखकर हैरान होते शुष्क पर्वत
इन अभावों में खिला यौवन तुम्हारा

ख्यात कवियों की उपेक्षा
सह रहे हो
पर व्यथा अपनी कहाँ तुम
कह रहे हो
हे सजग प्रहरी प्रकृति के
मौन साधक!
तप्त लू होती नहीं क्या
कर्म-बाधक?
रस लुटाते हो निपट, नीरस विजन में
धन्य हो तुम, धन्य है जीवन तुम्हारा

- कल्पना रामानी
इस माह
कुटज विशेषांक में

गीतों में-

bullet

ओमप्रकाश नौटियाल

bullet

कल्पना रामानी

bullet

कल्पना मनोरमा

bullet

कृष्ण भारतीय

bullet

गरिमा सक्सेना

bullet

पंकज परिमल

bullet

पूर्णिमा वर्मन

bullet

मंजुलता श्रीवास्तव

bullet

मधु शुक्ला

bullet

मुकुटधर पांडेय

bullet

रंजना गुप्ता

bullet

रमा प्रवीर वर्मा

bullet

राहुल शिवाय

bullet

शशि पाधा

bullet

शशि पुरवार

bullet

शिवानंद सहयोगी

bullet

श्रीधर आचार्य़ शील

bullet

-

bullet

-

छंद में-

bullet

ज्योतिर्मयी पंत

bullet

परमजीत कौर रीत

bullet

मंजु गुप्ता

bullet

शैलेश गुप्त वीर

bullet

-

अंजुमन में-

bullet

आभा सक्सेना दूनवी

bullet

पूर्णिमा जोशी

bullet

सुरेन्द्रपाल वैद्य

bullet

-

छंदमुक्त में-

bullet

अमित धर्म सिंह

bullet

-

अंजुमनउपहार काव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंकसंकलनहाइकु
अभिव्यक्तिहास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतरनवगीत की पाठशाला

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इस में प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है।

Google
Loading
प्रकाशन : प्रवीण सक्सेना -- परियोजना निदेशन : अश्विन गांधी
संपादन¸ कलाशिल्प एवं परिवर्धन : पूर्णिमा वर्मन

सहयोग :
कल्पना रामानी