अंजुमनउपहारकाव्य संगमगीतगौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहे पुराने अंक संकलनअभिव्यक्ति कुण्डलियाहाइकुहास्य व्यंग्यक्षणिकाएँदिशांतर

डा. सुदर्शन प्रियदर्शिनी

शिक्षा: हिंदी में पी एच डी (पंजाब यूनिवर्सिटी १९८२)

कार्यक्षेत्र:
१६ वर्षों तक हिमांचल प्रदेश में हिंदी अध्यापन। इसके बाद अमेरिका में रेडियो व टेलिविज़न कार्यक्रमों का निर्माण।

प्रकाशित कृतियाँ:
उपन्यास : सूरज नहीं उगेगा, रेत की दीवार
उपन्यास : काँच के टुकड़े
कविता संग्रह : शिखंडीयुग
भारत व अमेरिका के कई संकलनों में रचनाएँ संकलित। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन।

सम्मान व पुरस्कार-
हिंदी परिषद टोरंटो का महादेवी पुरस्कार तथा ओहायो गवर्नर मीडिया पुरस्कार आदि।

संप्रति :
क्वीनलैंड, ओहायो, अमेरिका में निवास और साहित्य सृजन रत।

ई मेल :
 sudarshansuneja@yahoo.com 

 

अनुभूति में डा. सुदर्शन प्रियदर्शिनी
की रचनाएँ-

हाइकु में-
आठ हाइकु

नई रचनाओं में-
अनन्त
अहंकार
चाँद
जनम जनम
देहरी
धीरे धीरे
भटकन
भय

छंदमुक्त में -
दो होली कविताएँ
गिलहरी
ज़हर
द्वंद्व
निचोड़
सल्तनत

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमनउपहारकाव्य चर्चाकाव्य संगमकिशोर कोनागौरव ग्राम गौरवग्रंथदोहेरचनाएँ भेजें
नई हवा पाठकनामा पुराने अंक संकलन हाइकु हास्य व्यंग्य क्षणिकाएँ दिशांतर समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter