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निर्मल गुप्त

जन्म- ३ अप्रैल १९५४, पानागढ़ (पश्चिम बंगाल)

शिक्षा- एम.ए.(इतिहास), मेरठ विश्वविद्यालय, मेरठ।

प्रकाशित कृतियाँ-
बाल कथा संग्रह- पापा सिर्फ़ सोच सकते हैं -  व्यंग्य संग्रह- एक शहर किस्सों भरा
इसके अतिरिक्त देश की सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ, बाल कहानियाँ, व्यंग्य एवं कविताएँ प्रकाशित।

संप्रति- जिला उद्योग केंद्र, मेरठ में सहायक प्रबंधक पद पर कार्यरत।

ईमेल-
gupt.nirmal@gmail.com

  अनुभूति में निर्मल गुप्त की रचनाएँ-

नई कविताओं में-
मेरी कविता में
मेरा नाम
मैं जरा जल्दी में हूँ
रामखिलावन जीना सीख रहा है
सुबह ऐसे आती है

छंदमुक्त में-
इस नए घर में
एक दैनिक यात्री की दिनचर्या
एहतियात
गतिमान ज़िंदगी
घर लौटने पर
डरे हुए लोग
तुम्हारे बिना अयोध्या
नहाती हुई लड़की
नाम की नदी
पहला सबक
फूल का खेल
बच्चे के बड़ा होने तक
बयान
बाघखोर आदमी
मेरे ख्वाब
रोटी का सपना
लड़कियाँ उदास हैं
हैरतंगेज़
रेलवे प्लेटफ़ार्म

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