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श्रद्धा जैन

८ नवंबर १९७७ को जन्मी श्रद्धा पिछले नौ सालों से सिंगापुर निवासी है और आजकल वहाँ के अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय में हिन्दी अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं, श्रद्धा जैन मूल रूप से विदिशा मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। वेब के लोकप्रिय गज़लकार प्राण शर्मा, अमित चित्रांशी, पंकज सुबीर और नीरज गोस्वामी के मार्ग दर्शन में ग़ज़ल सीखना शुरू किया और सीखने का सफ़र आज भी जारी है। भीगी ग़ज़ल नामक ब्लॉग पर इनकी रचनाएँ पढ़ी जा सकती हैं।

ईमेल- shrddha8@gmail.com

 

अनुभूति में श्रद्धा जैन की रचनाएँ

नई रचनाओं में-
अपने हर दर्द को
कहाँ बनना सँवरना
किसी उजड़े हुए घर को

जब कभी मुझको
जैसे होती थी किसी दौर में

अंजुमन में-
अच्छी है यही खुद्दारी
अफ़साना ए उल्फ़त
कितना है दम चिराग में
किसने जाना
घटा से घिर गई बदली
गम बढ़ा दीजिए
मुश्किलें आई अगर

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

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