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अनुभूति में रजनी भार्गव की रचनाएँ —


हाइकु में-
सर्दी की धूप

छंदमुक्त में-
अनसुनी आवाज़
गरमी की एक दोपहर
घर
धूप
प्रतीक्षा
बसंत
मेरी कहानी
मौन प्रतीक
लहरों का गाँव
सीमित दायरे

संकलन में-
जग का मेली- जुगनू
नया साल- नव वर्ष के कोरे पन्नों पर
वर्षा मंगल- बचपन का सावन
वसंती हवा- बासंती सपने
होली है- होली कुछ चित्र

 

सर्दी की धूप

धूप की छाप
खिड़की में अंकित
सूरजमुखी

चाय बगान
सर्दी की मीठी धूप
घर का कोना

पीली चादर
ठंडे रोशनदान
सरसों फूली

चमकती है
रात में खिड़कियाँ
नयी दुआएँ

बर्फ़ के फाए
गिरजे की घंटियाँ
दिन ले उड़े

पकी फसल
तिनकों को ले बहा
नज़रबट्टू

टूटे ठीकरे
रसीदों का पुलिन्दा
साल बेनाम

दादी का घर
अमरूद के पेड़
कैन्वस के रंग

आधा सा चाँद
तरबूज की फांक
बच्चे की कृति

२० जनवरी २०१४

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