अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

नचिकेता

जन्म- सावन पूर्णिमा, २३ अगस्त १९४५ को जहानाबाद (बिहार) जिला के माथुरापुर केऊर गाँव में।

शिक्षा- मेकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि।

प्रकाशित कृतियाँ-
सह संकलन- 'आदमकद खबरें', 'सुलगते पसीने', 'पसीने के रिश्ते',
गीत संग्रह- 'लिक्खेंगे इतिहास', 'बाइसकोप का गीत', 'सोये पलाश दहकेंगें', 'नचिकेता के भजन', 'रंग मैले नहीं होंगे', 'मकर चाँदनी का उजास', 'कोई क्षमा नहीं', 'तासा बज रहा है', 'परदा अभी उठेगा' एवं 'रंग न खोने दें', 'जेठ में मधुमास', 'रेत में खोई नदी', 'तुम मुझमे हो', 'हुआ यकीन नहीं'।
गजल संग्रह- 'आइना दरका हुआ'
आलोचना- 'गीत रचना की नई ज़मीन
गीत विषयक निबंध संग्रह- शिनाख़्त
यशोधरा राठौर द्वारा संपादित 'श्रम सौंदर्य का साधक' (नचिकेता के व्यक्तित्व और कृतित्व का समीक्षात्मक अध्ययन)

संपादित कृतियाँ- 'बीज', 'अंतराल', 'अलाव' तथा 'हरित वसुंधरा का गीत अंक पंख-पंख आसमान' ( शांति सुमन के चुने हुए एक सौ एक गीत )

संप्रति- झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग में यांत्रिक अभियंता के पद से सेवा निवृत्त और अब स्वतंत्र लेखन।

निधन- १९ दिसंबर २०२३

ईमेल- Shrinachiketa@gmail.com

अभिव्यक्ति में आलेख

` अनुभूति में नचिकेता की रचनाएँ -

नए गीत-
आकाश नीला
भय का लभेरा
यह अँधेरा
सर्द मौसम

गीतों में-
उमंगों भरा शीराज़ा
खुले नहीं दरवाज़े
जेहन मे
जो कुछ भी कहना है
तेरी हँसी
दोपहर
प्यार का रंग
बेहद अपनी
मृदु संगीत कला का
रात
शब्दों ने जो बात कही है
शाम
सपनों का नीड़
सुबह
हवा की गंध

छंद मुक्त में-
मेरा यूटोपिया

संकलन में-
वसंती हवा-फूले फूल पलाश

हिंदी की सौ सर्वश्रेष्ठ प्रेम कविताएँ-थके नयन में सुबह
 

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