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मनोज जैन मधुर

जन्म २५ दिसंबर १९७५ को शिवपुरी मध्य प्रदेश में।
शिक्षा- अँग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर

प्रकाशित कृतियाँ-
पत्र-पत्रिकाओं आकाशवाणी व दूरदर्शन पर रचनाएँ प्रकाशित प्रसारित। निर्मल शुक्ल द्वारा संपादित "नवगीत नई दस्तकें" तथा वीरेन्द्र जैन द्वारा संपादित "धार पर हम (दो)" में संकलित। एक कविता संग्रह

पुरस्कार सम्मान-
मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल द्वारा सार्वजनिक नागरिक सम्मान २००९, म.प्र.लेखक संघ का रामपूजन मिलक नवोदित गीतकार सम्मान 'प्रथम' २०१०, अ.भा.भाषा साहित्य सम्मेलन का सहित्यप्रेमी सम्मान-२०१०, साहित्य सागर का राष्ट्रीय नटवर गीतकार सम्मान- २०११

संप्रति-
सीगल लैब इंडिया प्रा. लि. में एरिया सेल्स मैनेजर

ईमेल- manojjainmadhur25@gmail.com

  अनुभूति में मनोज जैन मधुर की रचनाएँ-

नयी रचनाओं में-
इस नदी के घाट पर
एक देवी
कितना कठोर
महाराज विराजा
राधे राधे

गीतों में-
एक तू ही
करना होगा सृजन
कौन पढ़ेगा रे
चार दिन की जिंदगी
जिंदगी तुझको बुलाती है
गाँव जाने से
गीत नया मैं गाता हूँ
छोटी मोटी बातों मे
दिन पहाड़ से
दीप जलता रहे
नकली कवि
नदी के तीर वाले वट

बुन रही मकड़ी समय की
मन लगा महसूसने
रिश्ते नाते प्रीत के
लगे अस्मिता खोने
यह पथ मेरा चुना हुआ है
लौटकर आने लगे नवगीत

शोक-सभा का आयोजन
सगुन पाखी लौट आओ
सुबह हो रही है
हालात के मारे हुए है

संकलन में-
पिता की तस्वीर- चले गए बाबू जी

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