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तुम

जब तुम आए तो बहार आयी
ज़िंदगी एक सुनहरी शाम लायी
वादियों का गुलदस्ता बन तुम आये
तारों पर भी जैसे एक मुस्कुराहट छायी

यह वीरान जीवन, जैसे खिल उठा हो
रेगिस्तान में, जैसे हरियाली हो
आज हर कोई झूम रहा हो जैसे
मेरे हृदय का आँगन सुन रहा हो वैसे

आप के बिना ये संसार अधूरा था
आप के आने से जहाँ रौशन हो गया

१३ सितंबर २०१०

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