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आलोक शर्मा

अलोक शर्मा ने साउथ पॅसेफिक विश्वविद्यालय, सुवा, फिजी,  से बी. टेक. की उपाधि लेने के बाद, ग्रिफिथ विश्वविद्यालय, ब्रिसबेन, ऑस्ट्रेलिया से २००१ में एम.ई. तथा और २००६ में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। संप्रति वे साउथ पॅसेफिक विश्वविद्यालय में  इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विभागाध्यक्ष हैं।

वे मोटरोला (सिडने), ऑस्लॉग लिमिटेड (ब्रिसबेन), मायक्रोटेक्नॉलॉजी (ब्रिसबेन) और फ्रेंच ऐंबेसी (सुवा) के साथ अनेक परियोजनाओं से भी जुड़े रहे हैं। हिन्दी कविता में रुचि रखने वाले आलोक शर्मा फ़ीजी में हिन्दी के जाने माने विद्वान और साहित्यकार डॉ. विवेकानंद शर्मा के पुत्र हैं।

संपर्क- sharma_al@usp.ac.fj

 

अनुभूति में आलोक शर्मा की
रचनाएँ-

नई रचनाओं में-
अभिलाषा
तुम
नज़ारे यूँ चहकते हैं

सूनापन
क्षितिज के उस पार

कविताओं में-
आँसू
ढूँढता सहारा
तुमको अंतिम प्रणाम
मेरी चार पंक्तियाँ
लहर

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