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मेरा भारत- हाथ वीणा नहीं तलवार
देश हमारा- आज प्रतिदिन
शुभ दीपावली- इस बार दिवाली पर

 

माँग लेने के लिये

कुछ भी माँग लेने के लिए
जानना चाहा कायनात ने
कैसे बनेगा एक लम्हा पूरी ज़िन्दगी

मैंने सादे कागज़ पे लिखा तुम्हारा नाम
डाल दिया ऊपरवाले की नीली पेटी में

तब से घूमता है खुदा मेरे पीछे
सब कुछ दे देने के लिए

सोचता हूँ तुम हो, प्रेम है
और क्या है जो माँग सकूँ उससे

१ फरवरी २०१९
 

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