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उफ तुम भी न
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प्यासी दो साँसें
धूप पीली
सफ़र में
हसीन हादसे का शिकार

संकलन में-
मेरा भारत- हाथ वीणा नहीं तलवार
देश हमारा- आज प्रतिदिन
शुभ दीपावली- इस बार दिवाली पर

 

हैंग-ओवर

आँखों के काले पपोटों के सामने
टाँग दिए तेरी यादों के झक्क काले पर्दे
बंद कर दिए इन्द्रियों के सभी रास्ते
जेब कर दिए तुझे छूने वाले दो खुरदरे हाथ

कि नहीं मिलना ज़िन्दगी की धूप से
चमक में जिसकी नज़र न आए तेरा अक्स
कि नहीं सुनना वो सच
जो होता है दरअसल सबसे बड़ा झूठ, तेरे ज़िक्र के बिना
नहीं छूनी हर वो शै, जिसमें तेरा एहसास न हो

हाँ खींचना चाहता हूँ तुझे हर कश के साथ
कि रह सके देर तक तू
फेफड़ों में मेरे दिल के बहुत करीब
पीना चाहता हूँ तुझे टल्ली हो जाने तक
कि उतरे न नशा सुबह होने तक
कि चाहता हूँ रहना
तेरे ख़्वाबों के हैंग-ओवर में उम्र भर

१ फरवरी २०१९

 

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