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सरदार कल्याण सिंह

जन्म: 16 मार्च 1938 को ग्राम भागो तहसील खोरिया जिला गुजरात, पंजाब, पाकिस्तान।

शिक्षा : आगरा विश्वविद्यालय से गणित एवं भौतिक शास्त्र मे स्नातकोत्तर उपाधि।

कार्यक्षेत्र : गद्य लेखन में तो बचपन से रुचि रही। 1980 में कविता लिखना शुरू किया। अनेक छंदों में लिखा। हिंदी ग़ज़लों में नए प्रयोग किए। 1990 के बाद सब छंदों को छोड़ कर दोहे लिखने शुरू किया और अब तक यही क्रम जारी है।

संप्रति : 32 वर्षों तक बरेली कालेज में भौतिक विज्ञान के व्याख्याता

कविता संग्रह : दोहे हैं कल्याण के पिता और पुत्र

ई मेल : hsk00@rediffmail.com

 

अनुभूति में सरदार कल्याण सिंह
के दोहे -

नए दोहे—
शिक्षक दिवस मना रहे

दोहों में--
गणपति बप्पा मोरया

ग्रीष्म पचीसी
चुनावी चालीसा
दोहे हैं कल्याण के
नीति के दोहे
मज़दूर
मूर्ख दिवस

संकलन में—
ममतामयी—माँ के नाम

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