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  तब तक

जिन्हें अभी
डराया नहीं गया है
जिन्हें अभी
धमकाया नहीं गया है
जिन्हें अभी
सताया नहीं गया है
जिन्हें अभी
लूटा नहीं जा सका है
क्या वे सारे के सारे निरापद हैं?
कभी भी घेरा जा सकता है
उन्हें
हो सकता है उनकी हत्या ही कर दी जाए
तब तक
क्या बहुत देरी नहीं हो चुकी होगी?

९ फरवरी २०१५

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