अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में जयप्रकाश मानस की रचनाएँ—

नयी रचनाओं में-
आम आदमी का सामान्य ज्ञान
गिरूँगा तो उठूँगा
जब कभी होगा जिक्र मेरा
तब तक
निहायत छोटा आदमी
बचे रहेंगे

छंदमुक्त में—
अंधा कुआँ
अभिसार
आकाश की आत्मकथा
चौपाल
नदी
पाँच छोटी कविताएँ
पुरखे
प्रायश्चित
बचे रहेंगे सबसे अच्छे
वज़न

क्षणिकाओं में—
छाँव निवासी
बाज़ार

पहाड़

पाठ

 

आम आदमी का सामान्य ज्ञान

आम आदमी का सामान्य ज्ञान
नहीं होता असाधारण

आम आदमी नहीं जानता
सोना-खदान का भूगोल
काले को फक्क सफ़ेद बनानेवाला रसायन
नाती-छंती तक के लिए बटोर लेने का अर्थशास्त्र
ज्ञान का इतना पक्का
हराम की हर चीजों का नाम जीभ पर रखा

आम आदमी नहीं जानता
झूठ को सच या सच को
झूठ की तरह दिखाने की कला
चरित्र-सत्यापन की राजनीति
धोख़ा, लूट, और षड़यंत्र का समाज-विज्ञान
ज्ञान इतना पक्का
पहचान लेता है स्वर्ग-नरक की सरहदें

आम आदमी नहीं जानता
हँसते, मटकते, चहकते हुए चेहरों का बाज़ारभाव
ज्ञान इतना पक्का
बूझ लेता ज़रूरी और ग़ैरज़रूरी का फ़र्क़

आम आदमी नहीं जानता
तानाशाहों की रखैलों, जूतों, कपड़ों, इत्रों का बीजगणित
ईश्वर के सम्मुख रखे चढ़ावा-पेटियों में
लगातार वृद्धि की तकनीक
दुख, संत्रास, तिरस्कार, आत्महत्या के पीछे की भौतिकी
ज्ञान इतना पक्का
कि भगवान भी बगलें झाँके

आम आदमी नहीं जानता बहुत कुछ
बहुत कुछ जानता तो है आम आदमी

९ फरवरी २०१५

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter