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अनुभूति में उमा प्रसाद लोधी की रचनाएँ—

अंजुमन में-
आदर्शों की अर्थी
गीत में साँस
लज्जावती लजाई
सूरज तेरा ताप

हमने देखे हैं

 

हमने देखे हैं

हमने देखे हैं यहाँ पुण्य कमाते बगुले
स्वार्थ की सिद्धि हेतु घंटी हिलाते बगुले

दोनों हाथों में वो कुरआन व गीता लेकर
हमें इंसानियत का पाठ पढ़ाते बगुले

पास आ जाए कोई मन की ही मछली शायद
इसलिए ध्यान में इक टाँग उठाते बगुले

न हो विश्वास तो कानून के मंदिर में चलो
होंगे थ्री जी से नयी फ़िल्म चलाते बगुले

अपना बंगला हो चाहे पाँच सितारा होटल
बहती गंगा में यहाँ रोज़ नहाते बगुले

१ नवंबर २०२२

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अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

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