अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में अभय कुमार यादव की रचनाएँ—

छंदमुक्त में-
अतीत से सीख
ज़रूरत
संघर्ष तिमिर

 

ज़रूरत

किसी मंदिर में जाने से पहले
मस्जिद की सीढ़ी चढ़ने से पहले,
फेरकर देखो एक नज़र
प्यार भरे दिल से
निष्काम, निष्पाप
कहीं तुम्हारी किसी को ज़रूरत तो नहीं।
कोई किस्मत से हारा माँगता हो सहारा
चाहता हो प्यार कोई तकदीर का मारा
कोइ तनहा अकेली, आँसू भरी नज़र
थमा हो गर कोई आँसू तुझे देखकर
देख किसी नज़र को तेरी नज़र की ज़रूरत तो नहीं।
जी भरकर जीने को जिंदगी दे दो हर किसी को
किन्ही आँखों में आँसू देख क्या हँसता है कोई
जीना बस अपने लिए, क्या जीना है कोई
देख किसी जिंदगी को तेरी जिंदगी की ज़रूरत तो नहीं।

९ फरवरी २००५

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter