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  संयुक्त परिवार

कलयुग के वन में
घर-परिवार के
संसद सदन में,
रीति रिवाज
बकवास-बंडल,
परिजन मंत्रिमण्डल,
सास के आगे बहू
दोनों की क्या कहूँ
गृह कार्य में दक्ष हैं,
सशक्त विपक्ष हैं,
उखड़े-उखड़े मन,
बाहर से समर्थन
हरकतें ठीक
वैसी की वैसी,
'लोकतंत्र'
ऐसी की तैसी
रसोइयाँ दल-बदल
रही हैं,
आधुनिकता छाती पर
मूँग दल रही है,
संयुक्त परिवार
एक सरकार,
सरकार, बस
चल रही है।

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