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रमाकांत

जन्म- पूरे लाऊ, बरारा बुजुर्ग, जनपद रायबरेली (उ.प्र.) में।
शिक्षा- एम.ए., एम.फिल. एवं पत्रकारिता में पी.जी डिप्लोमा
कार्यक्षेत्र- अध्यापन, लेखन एवं संपादन।

प्रकाशित कृतियाँ-
जीवन परिचय- 'वाक़िफ रायबरेलवी: जीवन और रचना'।
हाइकु संग्रह- हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ हाइकु'।
नवगीत संग्रह- नृत्य में अवसाद', 'जमीन के लोग', 'सड़क पर गिलहरी', 'जो हुआ तुम पर हुआ हम पर हुआ'।
संपादन- त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका 'यदि' के सम्पादक।

पुरस्कार एवं सम्मान-
आपको म.प्र. का 'अम्बिका प्रसाद दिव्य स्मृति रजत अलंकरण' ('सड़क पर गिलहरी' कृति के लिए) सहित अन्य कई विशिष्ट सम्मान प्रदान किये जा चुके हैं।

  अनुभूति में रमाकांत की रचनाएँ-

गीतों में-
गाने दो
तेरी बातें कब होंगी
ये दूकाने हैं
शहर
सुबह सुबह अखबार

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