अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

जय चक्रवर्ती

जन्म-
१५ नवम्बर १९५८ को कन्नौज जनपद (उ.प्र.) के कीरतपुर गाँव में।

शिक्षा-
हिन्दी साहित्य में एम.ए. और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा।

कार्यक्षेत्र-
आई टी आई लि. (रायबरेली) में राजभाषा अधिकारी के पद पर कार्य एवं स्वतंत्र लेखन।

प्रकाशित कृतियाँ-
शब्दपदी (संपादक-निर्मल शुक्ल ), नवगीत- नई दस्तकें (सपादक-निर्मल शुक्ल), नवगीत के नए प्रतिमान (संपादक-राधेश्याम बंधु),गीत वसुधा (संपादक-नचिकेता), धार पर हम-२ (संपादक-वीरेंद्र आस्तिक), शब्दायन (संपादक-निर्मल शुक्ल), सप्तपदी-६ (संपादक- देवेन्द्र शर्मा इन्द्र ), बीसवीं सदी के श्रेष्ठ गीत (संपादक-मधुकर गौड़) आदि लगभग डेढ़ दर्जन गीत-नवगीत तथा समकालीन दोहों के प्रतिष्ठित संकलनों में रचनाएँ संगृहीत। साहित्यिक मासिकी–अंतराल का सम्पादन तथा कई अन्य पत्र-पत्रिकाओं मे सम्पादन सहयोग। आकाशवाणी से रचनाओं का प्रसारण। कुछ रचनाओं का पंजाबी मे अनुवाद एवं प्रकाशन।

पुरस्कार व सम्मान-
आपको अब तक रेणु स्मृति सम्मान (रायबरेली), कबीर सम्मान (कबीर स्मृति मंच, प्रतापगढ़), डॉ किशोर काबरा काव्य पुरस्कार (हिन्दी साहित्य परिषद्, अहमदाबाद), स्व. भगवती प्रसाद पाठक सम्मान (कादम्बरी, जबलपुर) आदि डेढ़ दर्जन सम्मान-पुरस्कार प्रदान किये जा चुके हैं।

संपर्क- jai.chakrawarti@gmail.com

 

अनुभूति में जय चक्रवर्ती की रचनाएँ

नये गीतों में-
काम आता ही नहीं कुछ
तुम भी बदलो पापा
मेरे गाँव में
रहे जब तक पिता
सच सच बताना

गीतों में-
कभी किसी दिन घर भी आओ
किसकी कौन सुने
खड़ा हूँ बाजार में
खत नहीं आया
चलो रैली में
पिता

बना रहे घर जैसा घर
महँगाई भत्ता
ये दिल्ली है
राजा जी हैं धन्य

दोहों में-
राजनीति के दोहे

 

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