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चाँदनी में लेटना
ठंडी ठंडी फुहार
जीवन एक अँधेरा कमरा
ये पौधे पेड़ बनेंगे
लगाकर आग जंगल में

गीतों में-
इच्छा
नदी

  चाँदनी में लेटना

चाँदनी में लेटना अक्सर बहुत अच्छा लगे,
ओस भीगी घास का बिस्तर बहुत अच्छा लगे।

शंख की ध्वनि, घंटियों का स्वर, बहुत अच्छा लगे,
देवता के रूप में पत्थर बहुत अच्छा लगे।

कोहरे का तोड़ दरवाजा सड़क पर आ गई,
धूप का बदला हुआ तेवर- बहुत अच्छा लगे।

आपकी ऊँची हवेली से मेरा क्या वास्ता,
मुझको अपना टूटा-फूटा घर बहुत अच्छा लगे।

खून गंदा बह गया तो दर्द कुछ कम हो गया,
औंधे फोड़े में लगा नश्तर- बहुत अच्छा लगे।

यक्ष है युग की चुनौती पर युद्धिष्ठिर कौन है,
ढूँढना इस प्रश्न का उत्तर बहुत अच्छा लगे।

२३ जुलाई २०१२

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