अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

बनवारीलाल खामोश

जन्म- ३ अप्रैल १९५४
शिक्षा- वाणिज्य एवं विधि स्नातक

कार्यक्षेत्र-
रेखांकन एवं लेखन दोनो विधाओं में सक्रिय। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रेखांकन एवं रचनाएँ प्रकाशित। दूरदर्शन व आकाशवाणी पर रचनाएँ प्रसारित। शेखावटी अंचल में मंचों पर लोकप्रिय नाम। अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत।

संप्रति-
राजस्थान सरकार के आधीन लेखा सेवा चुरू में कार्यरत।

 

अनुभूति में बनवारीलाल खामोश की रचनाएँ-

गीतों में-
दिन
मौसम आना जी
रिश्ते
हम अपने काँटों के मारे

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter