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अनुभूति में उषा राजे सक्सेना की रचनाएँ-

कविताओं में
अस्तित्व की पहचान
इंद्रधनुष
तितली उड़ी
पदचिह्न
पुनर्जनम
लंदन का वसंत
सर्मपण
यात्रा का आरंभ

अंजुमन में
जब भी कोई कहानी लिखना
ज़िन्दगी को स्वार्थ का
प्यार में भी कहीं
परिंदा याद का
फ़िज़ाँ का रंग
रात भर काला धुआँ

संकलन में-
ज्योति पर्व-दीपावली के आलोक में
आशा के दीप
आलोक पर्व

  लंदन का वसंत

फूल खिले औ' भ्रमर उड़े
वासंती जब हवा चले

डार-डार में कली खिले
गली-गली में गंध उड़े

हरियाली भर-मन मुस्काए
स्नोड्रॉप गर्दन उचकाए

डेफड़िल गलबहियाँ डाले
फोरसाइथ चुनरी फहराए

पोलिएन्थस के रंग निराले
भरे होठ ट्यूलिप मुस्काए

डोरे क्या वसंत ने डाले
सूरज की किरणें दुलराएँ

नन्हें-मुन्ने बच्चे मचले
मम्मा कोट नहीं पहनेंगे

खूब धूप में खेलेंगे!
बदन धूप में सेकेंगे!

 

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