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मीनाक्षी धन्वन्तरि

जन्म- ७ अप्रेल १९६० को दिल्ली में

शिक्षा- स्नातकोत्तर (हिन्दी)

कार्यक्षेत्र- अध्यापन व लेखन।
१९८६ में शादी के बाद रियाद आई तो फिर वहीं बस गई १९८९ से २००४ तक रियाद के इंटरनेशनल इन्डियन स्कूल में पढ़ाया, उसके बाद २००५ से २००७ तक दुबई के डीपीएस स्कूल में पढ़ाने का अवसर मिला। अध्यापन के दौरान न सिर्फ पढ़ाया बल्कि ज़िन्दगी को जीने का नया दृष्टिकोण भी मिला।

बचपन से ही लिखने का शौक था। सातवीं कक्षा से डायरी लेखन शुरु किया तो अब तक वह सिलसिला चल रहा है। अब ब्लॉग के माध्यम से अंर्तजाल पर डायरी लिखती हूँ- संस्मरण, यात्रा-वृत्तांत, ६०-७० कविताएँ और १५० हाइकु जिन्हे त्रिपदम का नाम दिया है, इन सब को लिखित रूप में दर्ज करना विचार में है। वेब और पत्र-पत्रिकाओं में कुछ रचनाएँ प्रकाशित।

ईमेल-
 

 

अनुभूति में मीनाक्षी धन्वन्तरि की
रचनाएँ-

हाइकु में-
धूल और रेत (हाइकु)

नई रचनाओं में-
तोड़ दो सारे बंधन
निष्प्राण
बादलों की शरारत
रेतीला रूप

छंदमुक्त में-
मेरा अनुभव

गीतों में
किनारे से लौट आई
युद्ध की आग में
निराश न हो मन

संकलन में-
वसंती हवा- वासंती वैभव
धूप के पाँव- माथे पर सूरज
शुभ दीपावली- प्रकाश या अंधकार
फूले फूल कदंब- वर्षा ऋतु में




 

 

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