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शास्त्री नित्यगोपाल कटारे

 

जन्म: 26 मार्च 1955

जन्म स्थान: ग्राम टेकापार ज़िला नरसिंहपुर म.प्र.

शिक्षा: वाराणसेय संस्कृत विश्व विद्यालय वाराणसी से व्याकरण 'शास्त्री' उपाधि, संस्कृत भूषण, संगीत विशारद।
प्रकाशन: विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में व्यंग्य लेख, कविता, नाटक आदि का हिंदी एवं संस्कृत भाषा में अनवरत प्रकाशन।

प्रसारण: आकाशवाणी

 ई मेल katare_2@hotmail.com

 

अनुभूति में शास्त्री नित्य गोपाल कटारे की रचनाएँ—

नई रचना—
कलियुगी रामलीला

गीतों में—
भारती पुकारती
कविता बन रही उपहास
देख प्रकृति की ओर
सतपुड़ा के महाजंगल
साधारण इंसान
गणपति बब्बा आइयो
होशंगाबाद- वैशिष्ट्यम

अंजुमन में—
आदमी

संकलन में—
गुलमोहर- गुलमोहर के नीचे
होली है- देखो वसंत आ गया
धूप के पाँव- तीन कुंडलियाँ
प्रेम कविताएँ- जीवन दुख से भार न होता

काव्य संगम में—
संस्कृत हाइकु

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