अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

संगीता गोयल

संगीता गोयल का जन्म:१९६८ में कलकत्ता में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा - सेंट ज़ेवियर कालेज कलकत्ता में हुई ओर स्नातकोत्तर अध्ययन लंदन के लंदन स्कूल आफ इकोनामिक्स में।

लंदन से लौट कर उन्होंने उत्तर प्रदेश, हिमांचल प्रदेश, और हरियाणा के गांवों में "भारत के गाँवों में प्रारंभिक शिक्षा" विषय पर कार्य किया। मूल रूप से शोध और अध्ययन परक इस कार्य को करते समय उन्हें भारतीय जन जीवन को पास से देखने और महसूस करने का अवसर मिला।

सम्प्रति वे आर्थशास्त्र में पी एच डी की उपाधि के लिये कोलंबिया विश्वविद्यालय, यू एस ए में कार्यरत हैं। उनकी रुचि भाषा, साहित्य, संगीत और सिनेमा में है।

 

अनुभूति में संगीता गोयल की रचनाएँ-

जीवन का अर्थ
जो हट कर रहा है
प्रश्न
सम्प्रति
तीन छोटी कविताएँ

संकलन में
हाथ में प्याला - 'गाँव' में अलाव में




 

 

 

 

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter