अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में महेशचंद्र द्विवेदी की
रचनाएँ -

नई रचनाएँ-
अनस्तित्व का सत्यापन
अवसाद
तुम

छंदमुक्त में
आतुर आकाश
ऊर्जा का स्पंदन
एंटी वर्ल्ड
एक नास्तिक का स्वत्व
गणतंत्र की आत्मा
चिता का प्रकाश
जब जब आएगा सावन
तेरा यह रोम रोम
नौकरी का विज्ञापन
प्रवासी चिन्ता
पंछी की परछाँई
ब्रह्मांड में तारतम्य
भीमबैठका के भित्तिचित्र
मैं वह बादल हूँ
युवमन
यह मन क्या है

वृत्तस्वरूप संसार
शरत की कथाओं की तरह
शापित सा मन

हास्य व्यंग्य में
मोनिका को रोना क्यों आता है
लाइलाज मर्ज़
हॉट ब्लोअर
डेंगू
हाकिम सस्पेंशन में है

संकलन में
होली है-
होली पर रक्षाबंधन

  मैं वह बादल हूँ

मैंने कब कहा था तुमसे प्रेयसि मुझको प्यार करो?
मेरे लिए सजो नित नित, नव रूप शृंगार करो?
केशों में वेणी बाँधो, और जूड़े में माला गुँथवाओ,
नयनों में काजल रचकर, माथे पर बिंदिया दमकाओ?

होठों को सरस बनाकर, तुम मुझको मौन निमंत्रण दो?
गालों की रक्तिम आभा से, मेरी प्यास को तृष्णन दो?
मयूर सम ग्रीवा को मोड़ो, कानों के कुंडल चमकाओ,
फिर तिरछे नयनों से देखो, कुटिल मंद मुस्कान दिखाओ?

मुझे देख अनजान बनो, पर वक्ष में धड़कन धडकाओ?
मेरे स्वप्नों में आ आकर, तुम मेरी रातों में बस जाओ?
कर कमलों में कंगन पहनों, और पैरों में नूपुर छमकाओ,
दिवास्वप्न बनकर फिर, मेरे सूनेपन को झंकृत कर जाओ?

तुम मेरे हेतु न बिछुआ पहनो, सपनों में भी धिक्कार करो;
केवल मेरी आँखों के आँसू को; तुम ना रोको, स्वीकार करो।
मैं वह बादल हूँ; जब रोऊँगा, प्यास धरा की बुझ जाएगी,
तृषा-तृप्ति पर बिहंस-बिहंस कर, मेरा हर आँसू पी जाएगी।

१६ दिसंबर २००४

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter