अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में खेमकरण सोमन की रचनाएँ

छंदमुक्त में—
इतना इतना इतना
कलम के कंधे पर इतिहास
तुमने जब आम दिए
मर तो उसी दिन गया था
सबसे पहले

 

कलम के कंधे पर इतिहास

भरोसा है इसलिए
हवा के कंधे पर पेड़
पेड़ के कंधे पर पंछी
धरती के कंधे पर नदी-पहाड़
नदी-पहाड़ के कंधे पर आसमान का सिर है

भरोसा है इसलिए
सड़क के कंधे पर विकास
कलम के कंधे पर इतिहास
खेत के कंधे पर किसान का सिर है

भरोसा है इसलिए
इनसान के कंधे पर इनसान का सिर है।

१ जून २०२३

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter