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धर्मेन्द्र कुमार सिंह सज्जन

जन्म- २२ सितंबर, १९७९ को प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत में।

शिक्षा: प्रौद्यौगिकी स्नातक (प्रौद्योगिकी संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी) प्रौद्यिगिकी परास्नातक (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की)

कार्यक्षेत्र- सरकारी सेवा तथा स्वतंत्र लेखन।

चिट्ठा: कल्पना लोक के अतिरिक्त लगभग सभी प्रमुख वेब पत्रिकाओं तथा कुछ मुद्रित पत्र पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाओं का प्रकाशन।

संप्रति: एनटीपीसी लिमिटेड की कोलडैम परियोजना में वरिष्ठ अभियंता (बाँध) के पद पर कार्यरत

ई-मेल: dkspoet@gmail.com

 

अनुभूति में धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'सज्जन' की रचनाएँ-

गीतों में-
ऐसी ही रहना तुम
जब तक रहना जीवन में
जाते हो बाजार पिया
पानी और पारा
बाहर बरस रहे हैं बादल

क्षणिकाओं में-
बारह क्षणिकाएँ

अंजुमन में-
अच्छे बच्चे
कहे कौन उठ
काश यादों को करीने से
खुदा के साथ यहाँ
गगन का स्नेह पाते हैं
गरीबों के लहू से
चंदा तारे बन रजनी में
चिड़िया की जाँ
छाँव से सटकर खड़ी है धूप
जाल सहरा पे
जितना ज्यादा हम लिखते हैं
जो भी मिट गए तेरी आन पर
दिल है तारा
दे दी अपनी जान
निजी पाप की
बाँध

महीनों तक तुम्हारे प्यार में
मिल नगर से

मैं तुमसे ऊब न जाऊँ
मौसम तो देखिये

छंदमुक्त में-
अम्ल, क्षार और गीत
दर्द क्या है
मेंढक
यादें
हम तुम

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