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आपस में लड़कर
काल की तेज़ धारा
देखे दुनिया जहान
पल निकल जाएँगे

वे जो फक्कड़ कबीर होते हैं

 

फक्कड़ कबीर

वे जो फक्कड़ कबीर होते हैं
मन के बेहद अमीर होते हैं

सम्प्रदायों में बँध नहीं पाते
जिनके रौशन ज़मीर होते हैं

वे क्षमाशील नम्र होते हैं
जो हकीकत में वीर होते हैं

जो चले हैं लकीर से हटकर
लोग वे बेनजीर होते हैं

तोड़ देते हैं धन का बल का गुरूर
प्रायः वे जो फकीर होते हैं

१ मई २००३

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