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अनुभूति में अशोक अंजुम की रचनाएँ

नए दोहे-
घुटी घुटी सी कोठरी

दोहों में-
पानी नदिया प्यास

अंजुमन में-
आँसू
गोली की मेहरबानी
धमकियाँ हैं
वो मुझको आँख भरकर
सयानी बिटिया

 

 

आँसू

पीड़ा का अनुवाद हैं आँसू
एक मौन संवाद हैं आँसू

दर्द, दर्द बस दर्द ही नहीं
कभी-कभी आह्लाद हैं आँसू

जबसे प्रेम धरा पर आया
तब से ही आबाद हैं आँसू

अब तक दिल में ह हलचल-सी
मुझको उनके याद हैं आँसू

कभी परिंदे कटे-परों के
और कभी सैयाद हैं आँसू

इनकी भाषा पढ़ना 'अंजुम'
मुफ़लिस की फ़रियाद हैं आँसू

१५ सितंबर २००८

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