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अनुभूति में ऋचा जैन की रचनाएँ —

बाल कविताओं में-
आओ गिने
आओ जी जाओ जी
पक्षी बोले
बंदर
सूरज चाँद तारे और जुगनू

 

आओ जी, जाओ जी

आओ जी, आओ जी
अंदर आओ जी
बाहर बहुत गर्मी है
कुछ ठंडा पी लो जी

शरबत पी लो
लस्सी पी लो
पनहा पी लो जी
बाहर बहुत गर्मी है
कुछ ठंडा पी लो जी

आओ जी, आओ जी
अंदर आओ जी
बाहर बहुत ठंडी है
कुछ गरम पी लो जी

चाय पी लो
कॉफ़ी पी लो
दूध पी लो जी
बाहर बहुत ठंडी है
कुछ गरम पी लो जी

जाओ जी जाओ जी
बाहर जाओ जी
कितना सुंदर मौसम है
ज़रा सैर पर जाओ जी

झूला झूलो
कसरत कर लो
दौड़ लगाओ जी
कितना सुंदर मौसम है
ज़रा सेहत बनाओ जी

१ जून २०२२

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