वसंती हवा

वसंत फिर आने वाला है
- कुसुम सिन्हा

 

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लगता है वसंत आज फिर आनेवाला है
कली कली औ' फूल फूल सरसाने वाला है

सूखी मुरझाई अमराई वाला यह मौसम
भौंरों के गुंजार भरा हो जाने वाला है

झाँक रहे हैं डाल डाल से नूतन ये किसलय
पतझर को मधुमास बनाकर जानेवाला है

हवा बहकती है मादक इस प्यारे मौसम में
पिया-मिलन की आस आज यह लानेवाला है

काटे नहीं कटा करती थी जो काली रातें
उनमें भी ये मीठे स्वप्न दिखानेवाला है

कही अनकही बची रह गई थी कितनी बातें
प्रिय से आज वसंत सभी कह जानेवाला है

९ फरवरी २००९

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