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नई हवा

उदीयमान रचनाकारों के स्तंभ में इस बार प्रस्तुत है
दिल्ली से सुनीता शानू की रचनाएँ

सुनीता शानू

जन्म- 6 अगस्त, 1970, पिलानी राजस्थान में।

शिक्षा- होम-साइंस में स्नातकोत्तर

संप्रति- स्कूल के समय से ही लिखने व पढ़ने में रुचि रही है। कई लेख व कविताएँ राजस्थान पत्रिका मरूपन्ना, पंजाब केसरी, मेरी दिल्ली में प्रकाशित हुए। आकाशवाणी पर रचनाएँ प्रसारित, अनेक कवि सम्मेलनों में भागीदारी।

चिट्ठा- मन पखेरू फिर उड़ चला
ई-मेल-
shanoo03@yahoo.com

  अनुभूति में सुनीता शानू की रचनाएँ-

नई रचनाएँ-
तो फिर प्यार कहाँ है
विचारों की शृंखला

कविताओं में-
दर्द का रिश्ता
पतंग की डोर
मेरी माँ
ऐ दोस्त

संकलन में-
होली है- डाल डाल टेसू खिले (दोहे)

अमलतास- हे अमलतास

 


 

 

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