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अनुभूति में टीकमचंद ढोडरिया की रचनाएँ-

गीतों में-
ऊँचा पेड़ खजूर का
प्रिय तुम्हारी बात
मुखर हो गया मौन
मन को हरा रखे
रिमझिम बरसे

कुंडलिया में-
नवल प्रभात

  मन को हरा रखे

बीते दिनों की भीनी खुश्बू
मन को हरा रखे

गीत पहेली पनघट सखियाँ
सैजा चौसर खट्टी अमियाँ
काना फूसी शोर-शराबे
बचपन भरा रखे

दादा-दादी बाऊ-मइया
भाई-बहना कजरी गइया
प्रेम पगी रेशम की डोरी
बन्धन खरा रखे

'मुनिया'जब पीहर से आती
सुधियों की गागर भर लाती
एकाकी पल के स्वागत में
चन्दन धरा रखे

१९ जनवरी २०१५

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