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अनुभूति में नितिन जैन की रचनाएँ-


अंजुमन में-
अच्छी खबर कोई
गीत पतझड़ हुए

दूरियाँ कम हुईं
न चिट्ठी न पाती
रास्ते मुश्किल बहुत

गीतों में-
अखंड है भारत देश
अश्रुओं के वेग से
एक आशा की किरण
छँट गए बादल
नेह के दीपक जलाएँ

`

एक अखंड है भारत देश

अखंड है भारत देश

राम कृष्ण
की है ये धरती
नानक वाणी जहाँ पे बहती
हजरत पैगम्बर महान
कहीं घंटियाँ कहीं अजान
प्रेम प्यार से रहें सभी
सदगुरुओं का
है सन्देश...

आतंकी
आँधी जब भी आई
यदि किसी ने आँख उठाई
हम ओढ़ बसंती चोला बढ़ते
वन्दे मातरम कहते कहते
देश की खातिर निकले प्राण
एक मात्र ही
है उद्देश्य...

११ फरवरी २०१३

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