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मधु भारतीय

 

 

 

अनुभूति में मधु भारतीय की रचनाएँ-

गीतों में-
कुहरे ढँकी किरण वधु
तुम नहीं आए
दुग्ध धवल केशों में
हरे भरे तट छोड़

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