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दुर्गेश गुप्त 'राज'


जन्म : २३ अप्रैल १९६० को डबरा, ग्वालियर, म.प्र. में।
शिक्षा : विज्ञान एवं विधि स्नातक
कार्यक्षेत्र : कवि/लेखक/नाटककार महासचिव :भारतीय भाषा प्रतिष्ठापन राष्ट्रीय परिषद् मुंबई (भारत) तथा संस्थापक : अंकुर साहित्य एवं कला परिषद्, शिवपुरी (म.प्र.) संपादक : जाल-पत्रिका 'अनुरोध'
प्रकाशित रचनाएँ :
कविता संग्रह :आइना चटक गया तथा कहीं कुछ नहीं कांपता
प्रसारित आकाशवाणी नाटक : भटकने से पहले, सौ रुपये का चक्कर, अधर में, समयचक्र, धर्म-संकट, प्यार किया नहीं जाता, व्यवहार का चक्कर, सौतेली, परिवर्तन

ई-मेल :
anurodh55@yahoo.com

  अनुभूति में दुर्गेश गुप्त 'राज' की रचनाएँ-
नई रचनाएँ छंद मुक्त में-
प्रतिशोध
मैं खुश होऊँगा
सूर्य- तीन कविताएँ

गीतों में-
अनुबंध
आज में जी लें
आओ सिखाएँ प्रीत मीत हम
कर्मभूमि की यह परिभाषा
कौन सुनता है तुम्हारी बात अब
खुद से प्यार
मन मेरा यह चाहे छू लूँ

मेरा जीवन बंजारा है
यादें जब भी आती हैं
ये शरीर है एक सराय

 


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