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विजय कुमार सिंह


जन्म- १३ मार्च १९५२ को जिला बुलंदशहर में।
शिक्षा- बी.एस-सी. (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) एल एल.बी. (मेरठ विश्वविद्यालय) एम.ए.हिंदी (मेरठ विश्वविद्यालय)

कार्यक्षेत्र-
आठ वर्षों तक बुलंदशहर में अधिवक्ता के रूप में कार्य, पच्चीस वर्षों तक श्रम प्रवर्तन अधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश श्रम विभाग में। स्वैच्छिक सेवा निवृति के बाद ऑस्ट्रेलिया में निवास।

प्रकाशित कृतियाँ-
अब तक तीन गीत /कविता संग्रह प्रकाशित, वल्लकी (श्रीमती कुसुम चौधरी के साथ), स्पंदन,स्तवन।

ईमेल- vksingh52@hotmail.com

  अनुभूति में विजय कुमार सिंह की रचनाएँ—

गीतों में-
पर्ण पतझड़ पीत
फिर बोलो बोलेगा कौन
मन माँझी बन कर गाता है

मेरा देश
वक्त की किताब में

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