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अनुभूति में ऋचा जैन की रचनाएँ —

बाल कविताओं में-
आओ गिने
आओ जी जाओ जी
पक्षी बोले
बंदर
सूरज चाँद तारे और जुगनू

 

आओ, गिनें

एक बड़े तालाब के किनारे
मेरे बाबा का एक बड़ा सा खेत
खेत में दो बैल
तीन घोड़े
चार गधे
पाँच भेड़ें
छह बकरियाँ
सात कुत्ते
आठ बिल्लियाँ
नौ मुर्गे
दस मुर्गियाँ
ग्यारह गिलहरियाँ
और अनगिनत तितलियाँ
तितलियों के पीछे दौड़ने में बड़ा मज़ा आता है।

१ जून २०२२

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