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संकलन में-
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ज्योति पर्व-
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एक क्रांति का अंत

पीपल के एक
सूखे हुए पत्ते ने
छोटे से
पत्थर के टुकड़े की
आड़ में से
तूफान की हवाओं के साथ
उड़ने से मना कर दिया।
गुस्साई हवाओं ने
पत्थर के टुड़े के सहित
उसे उड़ा कर
नीम की सड़ी हुई
पत्तियों के ढेर के
बीचो बीच लाकर पटक दिया।
इस तरह
एक क्रांति के
शुरू होने से पहले ही
उसका अंत हो गया।

 

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