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महक

बारिश में महकती रही
मिट्टी

नन्हें शिशु की गंध से
खिंच आया ब्रम्हांड

जब भी बनता है कुछ नया
एक गंध भी लेती है जन्म

अपनी हथेलियों को
चेहरे के पास रख कर पूछना है
क्या हमारी देह से
आती है
कोई महक

१ अप्रैल २०१६

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