अंजुमन। उपहार। काव्य संगम। गीत। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। पुराने अंक संकलन। अभिव्यक्ति। कुण्डलिया। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर

अनुभूति में डॉ. कुमार हेमंत की रचनाएँ-

नई रचनाएँ-
उनकी दुनिया
गौरैया से
जागो लड़कियों
तितलियाँ
नींद

छंदमुक्त में-
सांताक्लाज़ से
इन्तजार
कटघरे के भीतर
कहाँ खो गया बचपन
कहाँ हो डैडी
चिड़िया
नियति
मासूम लड़की
वजूद की तलाश

 

नींद (१)

सुना था
नींद में आते हैं
खूबसूरत सपने
पर मेरे सपने तो
दफ्न हो चुके
घिनौनी राजनीति के
कीचड़ में।


नींद (२)

रश्क मत करो
मेरी इस छोटी सी खुशी से
कि तुमने
इस नींद के अलावा
छोड़ा ही क्या है
मेरे पास।

नींद (३)

काश
तुमने भी रोपे होते
खुशियों के कुछ पौधे
हम गरीबों के आँगन में
तो आज तुम भी
चैन की नींद सोते।

३ अगस्त २०१५

इस रचना पर अपने विचार लिखें    दूसरों के विचार पढ़ें 

अंजुमन। उपहार। काव्य चर्चा। काव्य संगम। किशोर कोना। गौरव ग्राम। गौरवग्रंथ। दोहे। रचनाएँ भेजें
नई हवा। पाठकनामा। पुराने अंक। संकलन। हाइकु। हास्य व्यंग्य। क्षणिकाएँ। दिशांतर। समस्यापूर्ति

© सर्वाधिकार सुरक्षित
अनुभूति व्यक्तिगत अभिरुचि की अव्यवसायिक साहित्यिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित सभी रचनाओं के सर्वाधिकार संबंधित लेखकों अथवा प्रकाशकों के पास सुरक्षित हैं। लेखक अथवा प्रकाशक की लिखित स्वीकृति के बिना इनके किसी भी अंश के पुनर्प्रकाशन की अनुमति नहीं है। यह पत्रिका प्रत्येक सोमवार को परिवर्धित होती है

hit counter