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दिल भी वो है
मेरे सपनों का किरदार
मैं हूँ तेरा नाम पता
या तो हमसे

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एक सवेरा साथ रहे
जैसे बाज़ परिंदों में
तनहा क्या करता
तपेगा जो
तुमने जो पथराव जिये
तेरा ही तो हिस्सा हूँ
बच्चे
मैं था तनहा
रस्ता तो इकतरफ़ा था

 

बच्चे

बच्चे जब होते हैं बच्चे
ख़ुद में रब होते हैं बच्चे

सिर्फ़ अदब होते हैं बच्चे
इक मकतब होते हैं बच्चे

एक सबब होते हैं बच्चे
ग़ौरतलब होते हैं बच्चे

हमको ही लगते हैं वरना
बच्चे कब होते हैं बच्चे

तब घर में क्या रह जाता है
जब ग़ायब होते हैं बच्चे!

१४ फरवरी २०११

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