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आओ बच्चों मनाएँ दिवाली

आओ बच्चों मनाएँ दिवाली,
जिसमें उत्साह एवं उमंग है छाई,
लो दीपों की पंक्तियाँ लग गई,
आशा की नई किरण मन में जग गई।
आओ बच्चों मनाएँ दिवाली।
दीवाली का अवसर होता है प्यारा,
वर्ष भर से रहता जिसका तुमको इंतजार,
नए कपड़े पहनकर नाच उठते हो तुम,
कई मिठाइयों को खाकर झूम उठते हो तुम।
आओ बच्चों मनाएँ दिवाली।
पटाखे होते रंग-बिरंगे, प्यारे-प्यारे,
होते एक से बढ़कर एक और न्यारे-न्यारे,
इन्हें चलाते समय खास सावधानी बरतनी है,
मौज-मस्ती में कतई न तुम्हें लापरवाही करनी है।
आओ बच्चों मनाएँ दिवाली।
पर सुनो बच्चों एक खास बात,
शायद तुम्हें होगा यह ज्ञात,
प्रदूषण से है यह माहौल बेहाल,
चलो इस पर भी रखें हम थोड़ा ख्याल।
आओ बच्चों मनाएँ दिवाली।

राजश्री
9 नवंबर 2007

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