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आई सत्ता शिशिर की |
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आवारा सर्दी हुयी, शीत लहर
के संग
तन पर बरछी मारती, आतंकी -से ढंग
घने कोहरे धुंध से, होती दिन में रात
वाहन की गति है थमी, करें हादसे बात
मौसम बदले करवटें, हुआ बर्फ़ का राज
दिखे धवल चादर धरा, खुशी करे है नाज
ठंड बनी घुसपैठिया, घुसी जगत घर द्वार
अधर सुबह के काँपते, करती रात प्रहार
कैसी आयी ठंड है, सितम करे भरपूर
बर्फ गिरे चहुँ ओर है, हिमयुग से भू चूर
ओले कोड़े मारते, कहर शीत का तीर
आयी सत्ता शिशिर की, नीदें हुई अधीर
दिखते स्वेटर शाल हैं, विविध मॉल बाजार
टोपी मफलर से पटा, नुक्कड़ का संसार
लुढ़का पारा ठंड में, हुआ माइनस पार
नदिया झीलें हैं जमी, ठिठुरे जन संसार
ठंडी की मेवा बड़ी, गजक रेबड़ी शान
भोजन में हरदिन सजें, तिल गुड़ के पकवान
- डॉ मंजु गुप्ता
१ दिसंबर २०२४ |
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