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लौट आना घर
 
सुनो सूरज
मनाकर आस्ट्रेलिया में क्रिसमस
लौट आना घर

आ गया तेइस सितम्बर इस तरह कुछ
घूमती धरती हमारी
आज से तुम हो चले दक्षिणमुखी
है ज्योतिषी गणना हमारी
सुनो सूरज
लुटाकर के वहां तुम ऋतु बसंती
लौट आना घर

फिर वहां भी तुम मकर की क्रोड में
जब बैठ करके हंस पड़ोगे
तब हमारे जून जैसे तुम दिसम्बर में
वहां कितना तपोगे
सुनो सूरज
सुगंधित काननों को बिन जलाये
लौट आना घर

मकर संक्रान्ति को मरे, डार्लिंग में
नहा होगे उत्तरमुखी
मार्च के अंतिम प्रहर में भूमध्य पर देख
लोग होंगे कितना सुखी
सुनो सूरज
फागुनी रंग में नहाकर मार्च तक
लौट आना घर

- बृजनाथ श्रीवास्तव
१ जनवरी २०२४

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