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           मकर सभी में श्रेष्ठ

 
एक राशि को छोड़कर, करे गमन रवि अन्य
होते हैं तब शुभ दिवस, प्राणी होते धन्य

यह ऐसा त्यौहार है, वेदों में उल्लेख
जुड़े सूत्र हैं धर्म से, ग्रंथ उठाकर देख

हैं द्वादश संक्रांति पर, मकर सभी में श्रेष्ठ
होती सबसे खास तो, लगती सबसे ज्येष्ठ

पौष मास में सूर्य जब, करता मकर प्रवेश
हुए शीत से त्रस्त जो,करते हैं उन्मेष

उत्तर-दक्षिण दो अयन, होते हैं हर वर्ष
उत्तर का रवि संक्रमण, भरे सभी में हर्ष

नयी फसल का आगमन, होने लगता गेह
व्याकुल थी जो शीत से,फ़ैले सिकुड़ी देह

हैं द्वादश संक्रांति पर, मकर सभी में श्रेष्ठ
होती सबसे खास तो, लगती सबसे ज्येष्ठ

पौष मास में सूर्य जब, करता मकर प्रवेश
हुए शीत से त्रस्त जो, करते हैं उन्मेष

उत्तर-दक्षिण दो अयन, होते हैं हर वर्ष
उत्तर का रवि संक्रमण, भरे सभी में हर्ष

नयी फसल का आगमन, होने लगता गेह
व्याकुल थी जो शीत से, फ़ैले सिकुड़ी देह

- कामिनी श्रीवास्तव 'कीर्ति'
१ जनवरी २०२४

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