मेरे राम आ रहे हैं

 
  मस्ती मे ये हवा है, मौसम भी गा रहे हैं
संदेश सबको दे दो,
मेरे राम आ रहे हैं

दिल में सदा बसे हैं, घर पर वो आज आये
वो रौशनी बिछा दो, सूरज को लाज आये
जुगनू को हौसले के पैग़ाम आ रहे हैं
संदेश सबको दे दो,
मेरे राम आ रहे हैं

जब छोड़कर गए वो, दुनिया हुई थी सूनी
अब लौटकर हैं आये, ख़ुशियाँ हुईं हैं दूनी
वो आ गये तो सब सुख, बिन दाम आ रहे हैं
संदेश सबको दे दो,
मेरे राम आ रहे हैं

पलकें  बिछाए बैठे, कब से हैं  सब नगर में 
जिन पर पड़े चरण वो पत्थर हैं खुश डगर में 
लगता है पुण्य पिछले कुछ काम आ रहे हैं
संदेश सबको दे दो,
मेरे राम आ रहे हैं

- डा संदेश त्यागी
१ अप्रैल २०२४

 

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