चलो अयोध्या धाम

 
  गाओ मंगल गीत सखी री, आये हैं श्रीराम
राम नाम की लूट लूटने
चलो अयोध्या धाम

कितनी लम्बी हुई प्रतीक्षा, पूर्ण हुई अब आस
दर्शन की प्यासी अँखियों की, आज बुझेगी प्यास
बिन दर्शन मन कैसे पाए, पल भर भी आराम
राम नाम की लूट लूटने
चलो अयोध्या धाम

पंथ बुहारेंगे नैनों से, दीपक जले कतार
नेह भरे फूलों की लड़ियाँ, बाँधे बन्दनवार
निरखेंगे छवि रामलला की, मनभावन अभिराम
राम नाम की लूट लूटने
चलो अयोध्या धाम

दुल्हन जैसी सजी अयोध्या, शहनाई का शोर
बने बराती सब नर नारी, मन में उठे हिलोर
घर घर भगवा लहर रहा है, सुंदर ललित ललाम
राम नाम की लूट लूटने
चलो अयोध्या धाम

भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण होंगे, मात सिया भी संग
हनुमत पीछे पीछे होंगे, मन में भरे उमंग
चरण कमल रज मिल जाए तो, बन जाएंगे काम
राम नाम की लूट लूटने
चलो अयोध्या धाम

- रमा प्रवीर वर्मा
१ अप्रैल २०२४

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