बजी बधाई

 
  बजी बधाई मुदित है, आज सकल संसार
धन्य-धन्य है यह धरा, जहाँ रामअवतार

मंदिर के निर्माण का, पूर्ण हुआ अब काम
वंदन-अभिनन्दन करो, आये राजा राम

सदियों के संघर्ष का, हुआ सुखद अब अंत
राम अयोध्या आ गये, सुख सर्वत्र अनंत

दुल्हन जैसा सज गया, खिला अयोध्या धाम
अहो! विराजे हैं यहाँ, पुरुषोत्तम श्री राम

सजा अयोध्या धाम है, घर-घर में उल्लास
प्रभु के शुभागमन का, दिन आया है खास

समय लगा अब बन गया, प्रभु का पावन धाम
राम नाम पर जो मिटे, उनको करो प्रणाम

मंदिर के निर्माण पर, होते रहे बवाल
राम कृपा से हल हुए, उलझे सभी सवाल

- सुबोध श्रीवास्तव
१ अप्रैल २०२४

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